आज का दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा। बाजार में अचानक आई तेज गिरावट ने लाखों निवेशकों को झटका दिया। सेंसेक्स 1,069 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 288 अंक गिरकर 25,424.65 पर बंद हुआ। एक ही दिन में निवेशकों की भारी संपत्ति साफ हो गई।
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में इस तरह की गिरावट पहले भी देखी गई है और यह अक्सर अस्थायी होती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आज बाजार क्यों गिरा, खासकर आईटी सेक्टर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई।
बाजार पूरी तरह लाल निशान में, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों गिरे
सुबह से ही बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही थी। दिन के अंत में सेंसेक्स 82,225.92 पर बंद हुआ, जिसमें 1.28% की गिरावट रही। वहीं निफ्टी 25,424.65 पर बंद हुआ, जो 1.12% नीचे रहा।
जब बाजार इस तरह गिरता है, तो निवेशकों के लिए यह भावनात्मक रूप से भी मुश्किल होता है, क्योंकि इसमें उनकी मेहनत की कमाई लगी होती है। लेकिन याद रखें, बाजार हमेशा एक ही दिशा में नहीं चलता। गिरावट और तेजी दोनों बाजार का हिस्सा हैं।
आज बाजार क्यों गिरा? ये रहे 5 बड़े कारण
आज की गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण एक साथ सामने आए।
1. आईटी सेक्टर में भारी गिरावट
आज की गिरावट का सबसे बड़ा कारण आईटी सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 5% गिरकर 30,053 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले 30 महीनों का सबसे निचला स्तर है।
TCS, Infosys, HCL Tech और Tech Mahindra जैसे बड़े आईटी शेयर 4% से 6% तक गिर गए।
इस गिरावट की बड़ी वजह Anthropic का नया AI टूल Claude है, जो पुराने बैंकिंग और सिस्टम कोड को आसानी से अपग्रेड करने का दावा करता है। इससे निवेशकों को डर है कि भविष्य में भारतीय आईटी कंपनियों के काम पर असर पड़ सकता है।
2. Donald Trump की टैरिफ चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उन्होंने 15% तक यूनिवर्सल टैरिफ लगाने की बात कही।
इस खबर से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई और इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
3. अमेरिकी बाजारों से कमजोर संकेत
अमेरिका के टेक शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। IBM का शेयर करीब 13% गिर गया।
अमेरिका के बाजार कमजोर होने से एशियाई बाजारों पर भी दबाव आया, जिसका असर भारत में भी दिखाई दिया।
4. अमेरिका-ईरान तनाव और तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं।
तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ती है और इससे बाजार पर दबाव आता है।
5. एक्सपायरी डे और कमजोर रुपया
आज F&O एक्सपायरी का दिन था, जिससे बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया।
इसके अलावा रुपया भी कमजोर होकर 90.95 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा क्यों गिरा?
आईटी सेक्टर पहले से ही दबाव में था। फरवरी में ही निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 20% गिर चुका था।
AI टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ते उपयोग से निवेशकों को डर है कि भविष्य में आईटी कंपनियों के पारंपरिक काम पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, लंबे समय में AI अवसर भी बन सकता है, लेकिन फिलहाल निवेशकों में डर ज्यादा है।
क्या यह गिरावट लंबे समय तक रहेगी?
इतिहास बताता है कि बाजार में गिरावट के बाद अक्सर रिकवरी होती है।
2020 में भी बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, लेकिन बाद में बाजार ने मजबूत वापसी की। भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत मानी जा रही है, जिससे लंबे समय में बाजार में सुधार की उम्मीद है।
बाजार की स्थिति एक नजर में (24 फरवरी 2026)
| इंडेक्स | बंद स्तर | बदलाव (अंक) | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| सेंसेक्स | 82,225.92 | -1,068.74 | -1.28% |
| निफ्टी 50 | 25,424.65 | -288.35 | -1.12% |
| निफ्टी आईटी | 30,053.50 | ~-1,500 | -4.74% |
| निफ्टी रियल्टी | — | — | -2.54% |
| ब्रेंट क्रूड | ~$72+ | बढ़त | +1% |
निष्कर्ष
आज बाजार में आई गिरावट ने निवेशकों को जरूर चिंतित किया है। लेकिन इसके पीछे कई वैश्विक और तकनीकी कारण हैं, जैसे AI का असर, अमेरिका की नीतियां, तेल की कीमतें और वैश्विक बाजारों की कमजोरी।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसे समय धैर्य रखना जरूरी होता है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है और भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत मानी जा रही है।
FAQs
Q1. आज शेयर बाजार क्यों गिरा?
मुख्य कारण आईटी सेक्टर में गिरावट, अमेरिकी टैरिफ की चिंता, तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजारों की कमजोरी रहे।
Q2. आईटी सेक्टर में इतनी गिरावट क्यों आई?
AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव से निवेशकों को भविष्य को लेकर चिंता हुई।
Q3. क्या अभी निवेश करना सही है?
यह आपके निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को अवसर मान सकते हैं।
Q4. क्या बाजार जल्द रिकवर करेगा?
सटीक समय बताना मुश्किल है, लेकिन मजबूत आर्थिक स्थिति से रिकवरी की उम्मीद रहती है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

