देशभर के लाखों छात्र हर साल जब बड़े-बड़े कॉलेज कैंपस के गेट पार करते हैं, उनके साथ चलता है excitement भी… और एक अनकहा डर भी। खासकर उनके लिए जिनके माता-पिता ने कभी कॉलेज की दहलीज़ तक नहीं देखी। इन्हें ही कहा जाता है First-Generation College Students—और इनकी कहानी आम नहीं, बेहद खास होती है।
कौन होते हैं First-Generation College Students?
सीधी भाषा में, जिन छात्रों के माता-पिता ने कभी चार साल की कॉलेज डिग्री हासिल नहीं की, वे First-Generation College Students की कैटेगरी में आते हैं।
अमेरिका में ऐसे छात्रों की संख्या 30–40% के करीब है, जबकि भारत में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण व निम्न-आय वाले परिवारों से आने वाले छात्र इसी वर्ग में आते हैं।
इन छात्रों के सामने अक्सर आर्थिक चुनौतियाँ, कॉलेज सिस्टम की कम जानकारी और परिवार की उम्मीदों का दबाव होता है। इसके बावजूद, यही छात्र कैंपस में अपनी मेहनत और जज़्बे से नई पहचान बनाते हैं।
भावनात्मक संघर्ष: उत्साह और डर का मिला-जुला सफर
पहला दिन कॉलेज का — बाहर से मुस्कान, अंदर से घबराहट। First-Generation छात्रों के लिए यह एहसास बेहद common है।
कई छात्रों ने बताया कि घर से दूर रहना और ऐसे माहौल में पढ़ना जिसे उनके माता-पिता समझ भी नहीं पाते, उन्हें emotionally थका देता है।
“मेरे माता-पिता मज़दूरी करते हैं। उन्हें ‘syllabus’ का मतलब भी नहीं पता, लेकिन मैं उनके सपनों को लेकर कॉलेज आया हूँ,” एक छात्र ने कहा।
इसी वजह से कई First-Generation Students imposter syndrome की परेशानी झेलते हैं—ये महसूस करना कि वे यहां के लायक नहीं हैं।
सबसे बड़ी चुनौतियाँ: पैसों से लेकर पढ़ाई तक
✔ Financial Pressure:
Scholarships, loans और paperwork को समझना सबसे मुश्किल कदम।
Survey बताते हैं कि आधे से ज्यादा First-Generation छात्र पैसों की समस्या के कारण dropout हो जाते हैं।
✔ Academic Pressure:
Study techniques, group projects, professors से interaction—सब कुछ नया।
✔ Social Gap:
अच्छे-खासे backgrounds वाले साथियों के बीच खुद को अलग महसूस करना।
लेकिन राहत की बात यह है कि अब कई कॉलेज First-Generation Students के लिए खास mentorship और support programs चलाते हैं।
सफलता की कहानियाँ जो प्रेरणा बनती हैं
दुनिया की कई बड़ी हस्तियाँ कभी First-Generation College Students थीं—
Michelle Obama
Google CEO Sundar Pichai
भारत से भी छोटे कस्बों के छात्र अपनी मेहनत से IITs और टॉप यूनिवर्सिटीज़ तक पहुँच रहे हैं।
एक छात्र ने कहा—“मेरे माता-पिता किसान हैं, लेकिन मेरे सपने उन्होंने मुझसे ज्यादा संभाले।”
कैसे पाएं सफलता? First-Generation छात्रों के लिए जरूरी टिप्स
Help माँगने में हिचकें नहीं
Mentors बनाएं—professors और seniors से सीखें
Budgeting सीखें
Study habits सुधारें—Pomodoro जैसी techniques
Mental Health का ख्याल रखें
परिवार का रोल: छोटा लेकिन सबसे मजबूत सहारा
कई parents भले ही कॉलेज न गए हों, लेकिन उनका emotional support छात्रों को आगे बढ़ने की ताकत देता है।
छोटी-छोटी सफलताओं पर परिवार का खुशी मनाना students का confidence कई गुना बढ़ा देता है।
संस्थानों की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी
विश्वविद्यालय अब विशेष orientation, financial aid workshops और peer support जैसे कार्यक्रमों से First-Generation छात्रों की मदद बढ़ा रहे हैं।
India में National Scholarship Portal (NSP) जैसी योजनाएँ भी बड़ी राहत हैं।
करियर पर सकारात्मक असर
First-Generation Students नौकरी की दुनिया में अक्सर ज्यादा मेहनती और committed माने जाते हैं। बिना नेटवर्क के भी वे internships और LinkedIn की मदद से आगे बढ़ते हैं।
भविष्य: और भी बेहतर होने वाला है
World over, higher education अब inclusivity पर ज्यादा ध्यान दे रही है। इसका फायदा आने वाले वर्षों में First-Generation Students को और मिलेगा।
Final Takeaway
First-Generation College Students सिर्फ एक डिग्री हासिल नहीं करते।
वे पूरे परिवार की दिशा बदलते हैं, आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता खोलते हैं।
इनकी कहानी जज़्बे, संघर्ष और सफलता की कहानी है—जिसे जानना और सराहना हम सभी के लिए ज़रूरी है।

