क्या कभी आपने सोचा है कि ग्रहों की चाल आपकी जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है? ज्योतिष के अनुसार ऐसा ही खास संयोग फरवरी 2026 में बनने जा रहा है। 13 फरवरी 2026 को सूर्य देव कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और उसी दिन विजया एकादशी का पवित्र व्रत भी रखा जाएगा। इस दुर्लभ योग को कई ज्योतिषी बेहद शुभ मान रहे हैं।
Surya Gochar 2026 को सिर्फ एक साधारण गोचर नहीं, बल्कि कई लोगों के लिए नई शुरुआत का संकेत माना जा रहा है। खासकर वे लोग जो पिछले कुछ समय से संघर्ष का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह समय राहत और उम्मीद लेकर आ सकता है।
कब और कैसे होगा Surya Gochar 2026?
ज्योतिष गणना के अनुसार 13 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 4:06 AM से 4:14 AM के बीच सूर्य मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर करीब एक महीने तक रहेगा, यानी 15 मार्च 2026 तक।
इस दौरान कुंभ राशि में सूर्य के साथ बुध, शुक्र और राहु की युति से चतुर्ग्रही योग और बुधादित्य योग का निर्माण होगा। विजया एकादशी के दिन यह संयोग और भी विशेष माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य की कृपा से बाधाएं कम होती हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
विजया एकादशी और सूर्य गोचर का विशेष संयोग
विजया एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस व्रत को विजय और सफलता से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इसी दिन सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश होना इस संयोग को और खास बना देता है। सूर्य आत्मबल और ऊर्जा के कारक माने जाते हैं। ऐसे में विजया एकादशी की सकारात्मकता के साथ यह गोचर कई लोगों के लिए उत्साह और नई संभावनाएं लेकर आ सकता है।
Surya Gochar 2026 में इन 5 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार निम्न 5 राशियों को इस गोचर से विशेष फायदा मिल सकता है:
मिथुन राशि
भाग्य भाव में सूर्य का प्रभाव रहेगा। प्रमोशन, विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। अटके काम आगे बढ़ सकते हैं।
सिंह राशि
बुधादित्य योग का असर नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर सकता है। करियर में मान-सम्मान और अधिकार बढ़ने के संकेत हैं।
कर्क राशि
भावनात्मक स्थिरता और आर्थिक सुधार के संकेत हैं। पारिवारिक माहौल बेहतर हो सकता है और पुरानी परेशानियां कम हो सकती हैं।
धनु राशि
लाभ भाव सक्रिय रहेगा। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। व्यवसाय और यात्रा से जुड़े मामलों में प्रगति संभव है।
तुला राशि
रिश्तों और करियर में संतुलन बनेगा। विवाह प्रस्ताव या साझेदारी से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
बाकी राशियों के लिए परिणाम सामान्य या मिश्रित रह सकते हैं। हालांकि सकारात्मक सोच और प्रयास हर स्थिति में जरूरी हैं।
Surya Gochar 2026 के दौरान क्या करें? उपाय और सुझाव
ज्योतिष में कुछ सरल उपाय बताए गए हैं:
प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
रविवार को गुड़ और गेहूं का दान करें।
विजया एकादशी के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
लाल वस्त्र धारण करें और तांबे की वस्तु का दान करें।
सकारात्मक वाक्य दोहराएं और आत्मविश्वास बनाए रखें।
Surya Gochar 2026: प्रमुख लाभ और उपाय
| राशि | मुख्य लाभ | क्षेत्र | लकी रंग | उपाय |
|---|---|---|---|---|
| मिथुन | भाग्योदय, नई शुरुआत | शिक्षा/करियर | हरा | गायत्री मंत्र जाप |
| सिंह | नेतृत्व, सम्मान | नौकरी/प्रशासन | सुनहरा | सूर्य अर्घ्य |
| कर्क | मानसिक शांति, धन लाभ | परिवार/वित्त | सफेद | विष्णु पूजा |
| धनु | आर्थिक वृद्धि | व्यवसाय/यात्रा | पीला | गुरु मंत्र |
| तुला | संबंधों में संतुलन | प्रेम/साझेदारी | गुलाबी | शुक्रवार व्रत |
निष्कर्ष
Surya Gochar 2026 खगोलीय घटना भर नहीं है, बल्कि कई लोगों के लिए उम्मीद और नई शुरुआत का संकेत हो सकता है। विजया एकादशी के साथ यह संयोग सफलता और आत्मविश्वास से जुड़ा माना जा रहा है। अगर आप मेहनत कर रहे हैं, तो यह समय आपके प्रयासों का फल दिला सकता है।
विश्वास रखें, सकारात्मक रहें और अपने कर्म पर ध्यान दें।
FAQs
Q1: Surya Gochar 2026 की तारीख क्या है?
A: 13 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 4 बजे सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
Q2: विजया एकादशी 2026 कब है?
A: 13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी का व्रत रखा जाएगा (कुछ स्थानों पर तिथि 12 फरवरी से शुरू हो सकती है)।
Q3: किन राशियों को अधिक लाभ मिलेगा?
A: मिथुन, सिंह, कर्क, धनु और तुला राशि को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।
Q4: इस दौरान कौन से उपाय करें?
A: सूर्य अर्घ्य, दान, मंत्र जाप और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभकारी माना जाता है।
Disclaimer
यह जानकारी वैदिक ज्योतिष की सामान्य मान्यताओं और लोकप्रिय भविष्यवाणियों पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना उचित है। ज्योतिष मार्गदर्शन देता है, लेकिन कर्म और प्रयास सबसे महत्वपूर्ण हैं।

